दुनिया के 5 सबसे ऊंचे पर्वत

दुनिया के 5 सबसे ऊंचे पर्वत के बारे में जानने वाले हैं। दोस्तों इस धरती पर कुल 109 पर्वत मौजूद है। जिन की समुद्र तल से ऊंचाई (7200 मीटर) यानी (23622 फीट) से भी ज्यादा है। दोस्तों आप लोगों को यह बात तो पता ही होगी। की इनमें से अधिकांश पर्वत भारत के उप महाद्वीपों में और तिब्बत की सीमाओं पर ही स्थित है। तो चलिए दोस्तों जानते हैं, दुनिया के 5 सर्वोच्च पर्वत शिखरों के बारे में।

दुनिया के 5 सबसे ऊंचे पर्वत

5.मकालु

दोस्तों विश्व के सबसे ऊंचे पर्वतों में से ‘मकालू’ भी एक है। जो दुनिया का पांचवा सबसे ऊंचा पर्वत है। जिसकी ऊंचाई कुल (8,481 मीटर) यानी (27,825 फीट) इतनी है। इस पर्वत का ‘मकालू’ यहां नाम संस्कृत के ‘महाकाल’ शब्द से लिया गया है। मकालू यह पर्वत एवरेस्ट पर्वत से कुल 20 किलोमीटर दूरी पर दक्षिण पूर्व में स्थित है। यह दिखने में एक बडेसे पिरामिड जैसा दिखाई पड़ता है, और मकालू इस पर्वत पर प्रथम पर्वतारोहण 15 मई 1955 में किया गया था। यह पर्वत हिमालय पर्वत श्रेणी में ही आता है।

4.ल्होत्से पर्वत

दोस्तों ल्होत्से पर्वत दुनिया का चौथा सबसे ऊंचा पर्वत है। जिसकी कुल ऊंचाई (8,516 मीटर) यानी (27,940 फीट) इतनी है। ल्होत्से यह पर्वत एवरेस्ट के दक्षिणी घाटी से जुड़ा हुआ है। इस पर्वत को एवरेस्ट, के2 और कंचनजंगा के बाद दुनिया का चौथा सबसे ऊंचा पर्वत माना जाता है। इस पर्वत पर प्रथम पर्वतारोहण 18 मई 1956 में किया गया था। ल्होत्से पर्वत के अगल-बगल भी दो पर्वत मौजूद है, इन दोनों पर्वतों की ऊंचाई  (27,000 फीट) से भी ज्यादा है। इस पर्वत को भी चढ़ाई करने के लिए काफी खतरनाक माना जाता है।

3.कंचनजंघा

दोस्तों कंचनजंघा विश्व का तीसरा सबसे ऊंचा पर्वत है। जिसे हमारे भारत का पहले स्थान का सबसे ऊंचा पर्वत  माना जाता है। जो सिक्किम के उत्तर पश्चिम भाग में और नेपाल की सीमा पर स्थित है। इस पर्वत के कंचनजंघा इस नाम की उत्पत्ति तिब्बती भाषा से हुई है। कंचनजंगा की ऊंचाई की बात करें तो यह कुल (8,586 मीटर) यानी (28,169 फीट) इतनी है। यह काफी विशालकाय आकर का पर्वत है, जो भारत के हिमालय पर्वत श्रेणी का एक हिस्सा है।

दुनिया के 5 सबसे ऊंचे पर्वत

कंचनजंघा पर्वत को नेपाल में ‘कुंभकरण लंगूर’ कहकर भी जाना जाता है। इस पर्वत पर सर्वप्रथम शीतकालीन पर्वतारोहण 11 जनवरी 1986 में सफलतापूर्वक किया गया था।

2.के2 पर्वत

दोस्तों ‘के2’ यह विश्व का दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत है। जो पाकिस्तान के गिलगित-बलिस्तान क्षेत्र और चीन के द्वारा नियंत्रित किए गए शिनजियांग प्रदेश की सीमा पर काराकोरम पर्वत माला के उप-श्रृंखलाओं में स्थित है। k2 पर्वत की ऊंचाई (8,611 मीटर) यानी (28,251 फीट) इतनी है। इतनी ऊंचाई के चलते ही, इस पर्वत को माउंट एवरेस्ट के बाद पृथ्वी का सबसे ऊंचा पर्वत शिखर माना जाता है। के2 पर चढ़ाई करने के लिए 1902 में प्रथम प्रयास किया गया था, पर वह पूरी तरीके से असफल रहा था। और उसके बाद 19 जुलाई 1954 में पहली बार एचाईल और लिनो लासेडेल को के2 पर पहली बार सफलता प्राप्त हुई थी।

1.एवरेस्ट पर्वत

दोस्तों आप सभी लोगों ने एवरेस्ट पर्वत का नाम तो जरूर सुना होगा। जो दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत शिखर है। एवरेस्ट यह एशिया खंड के नेपाल के सगरमाथा और चीन के तिब्बत की सीमा पर स्थित है। एवरेस्ट पर्वत की कुल ऊंचाई (8,848 मीटर) यानी (29,029 फुट) इतनी है। एवरेस्ट पर्वत को पहले ‘XV’ के नाम से भी जाना जाता था। नेपाल में इसे ‘सगरमाथा’ और संस्कृत में इसे ‘देवगिरी’ कह कर भी जाना जाता है। इसे सगरमाथा यह नाम 1930 में नेपाल के इतिहास विद ‘बाबूराव आचार्य’ इनके द्वारा दिया गया था। और तिब्बत में इसे ‘चोमोलंगा’ कहकर भी जाना जाता है।

एवरेस्ट पर्वत पर प्रथम पर्वतारोहण 19 मई 1953 में न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे शेरपा इनके द्वारा किया गया था। इस पर्वत पर अभी तक (3,448 पर्वतरोही 5,585) बार चढ़ चुके हैं। इनमें से नोर्गे शेरपा एक ऐसे इंसान हैं, जिन्होंने इस पर्वत पर 22 बार चढ़ने का रिकॉर्ड बनाया है। जो आज के समय में भी कायम है।

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